ये क्या हो गया है तुमको ...........जो बेवजह हम पर अपराधी होने की तोहमत लगाते हो ,
ना वक़्त देखा , ना मौहल ......... बस अपनी ही सुर तान में सब पाने की हुकूमत चलाते हो ।
ना वक़्त देखा , ना मौहल ......... बस अपनी ही सुर तान में सब पाने की हुकूमत चलाते हो ।
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